June 17, 2026

उत्तराखंड में कब से लागू होगी Unified Pension Scheme? आ गई डेट, केंद्रीय कर्मचारियों जैसा मिलेगा फायदा

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प्रदेश के राजकीय, अर्द्ध शासकीय, निकायों, सार्वजनिक उपक्रमों एवं सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थाओं के कार्मिकों को यूनिफाइड पेंशन स्कीम (यूपीएस) का लाभ मिलेगा। केंद्र सरकार की इस योजना को राज्य सरकार ने अंगीकृत करते हुए मंगलवार को अधिसूचना जारी कर दी है। एक अप्रैल, 2025 से यह योजना प्रदेश में प्रारंभ होगी। प्रदेश में 1,00,937 कार्मिकों को यूपीएस का विकल्प मिल सकेगा। इससे राजकोष पर वार्षिक 492 करोड़ का अतिरिक्त भार पड़ेगा।
उत्तराखंड के कार्मिक वर्तमान में नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) से लाभान्वित हो रहे हैं। एनपीएस और ओल्ड पेंशन स्कीम (ओपीएस) के मिले-जुले स्वरूप वाली इस योजना को लागू करने के संबंध में केंद्र सरकार 24 जनवरी, 2025 को अधिसूचना जारी कर चुकी है।

वेतन, भत्ते और पेंशन के मामले में केंद्र से समानता
प्रदेश में कार्मिकों के वेतन, भत्ते और पेंशन के मामले में केंद्र से समानता रखी गई है। इसी क्रम में वर्ष 2005 में प्रदेश में एनपीएस को क्रियान्वित किया गया था। सरकार की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि कर्मचारी पहले से लागू एनपीएस में बने रहना चाहते हैं अथवा यूपीएस को अपनाएंगे, इस बारे में निर्णय के लिए स्वतंत्र हैं। यूपीएस को थोपा नहीं जाएगा।

सरकार का अंशदान बढ़कर होगा 18.5 प्रतिशत
यूपीएस का विकल्प लेने वाले कर्मचारियों के वेतन से एनपीएस की भांति 10 प्रतिशत की कटौती होगी। एनपीएस में सरकार का योगदान 14 प्रतिशत का है।
यूपीएस में यह बढ़कर 18.5 प्रतिशत होगा। साथ ही नया विकल्प लेने पर कर्मचारी 10 वर्ष की सेवा के बाद 10 हजार रुपये मासिक पेंशन के पात्र हो जाएंगे। एनपीएस में यह राशि 9000 रुपये है। 25 वर्ष की सेवा पूरी करने पर यूपीएस में पूरी पेंशन के रूप में कुल वेतन का 50 प्रतिशत मिलेगा। समय-समय पर महंगाई भत्ते का लाभ दिया जाएगा। पारिवारिक पेंशन के रूप में परिवार को भी पेंशन का 60 प्रतिशत मिल सकेगा।

ओपीएस से लाभान्वित हो रहे 97,019 कार्मिक
यूपीएस लागू होने पर वर्तमान में एनपीएस पर खर्च हो रही धनराशि की तुलना में प्रतिमाह अतिरिक्त 41 करोड़ का भार बढ़ जाएगा। एनपीएस से 1,00,937 कर्मचारी जुड़े हैं। पुरानी पेंशन योजना का लाभ ले रहे कार्मिकों की संख्या 97,019 है। वित्त सचिव वी षणमुगम ने कहा कि यूपीएस आगामी एक अप्रैल से लागू होगी।

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