June 21, 2026

जंगलों के आस-पास ईको टूरिज्म को बढ़ावा देगी सरकार, 10 साल की योजना बनाने के निर्देश

1 min read

उत्तराखंड वन बहुलता वाला प्रदेश है। इसलिए जंगलों को आर्थिकी से जोड़ा जाना चाहिए। इस कड़ी में आर्थिकी व पारिस्थितिकी में संतुलन बनाते हुए राज्य में वन क्षेत्रों के आस-पास ईको टूरिज्म गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को सचिवालय में राज्य वन्यजीव बोर्ड की बैठक में यह बात कहीं। उन्होंने इसके लिए अगले 10 साल की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। बैठक में संरक्षित क्षेत्रों की 10 किलोमीटर की परिधि के अंतर्गत खनन समेत विभिन्न कार्यों के लिए वन भूमि हस्तांतरण के 23 प्रस्ताव अनुमोदित किए गए। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य में वनों के संरक्षण के साथ ही वन संपदा को लोगों की आजीविका से जोड़ने की दिशा में विशेष प्रयासों की जरूरत है। इसके लिए वन विभाग और वित्त विभाग को कदम बढ़ाने होंगे। उन्होंने कहा कि वन विभाग के अंतर्गत अनेक वन विश्राम गृह हैं। इनका रखरखाव पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए राजस्व में वृद्धि के प्रयास किए जाने चाहिए। मानव-वन्यजीव संघर्ष का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इसकी रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाने के साथ ही त्वरित मुआवजा वितरण के लिए डिजिटल ट्रेकिंग सिस्टम लागू किया जाए। उन्होंने हल्द्वानी में जू एंड सफारी के निर्माण और राजाजी टाइगर रिजर्व के अंतर्गत विश्व प्रसिद्ध चौरासी कुटी के जीर्णाेद्धार संबंधी कार्य में तेजी लाने के निर्देश भी दिए। साथ ही वन क्षेत्रों में नवाचार पर भी जोर दिया।
वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि जैव विविधता की दृष्टि से महत्वपूर्ण उत्तराखंड में वन संपदा के सही उपयोग और इसे आजीविका से जोड़ने की दिशा में निरंतर कार्य करने की जरूरत है। उन्होंने ईको टूरिज्म के नए गंतव्य विकसित करने पर भी जोर दिया। बैठक में जिन 23 प्रस्तावों को अनुमोदित किया गया, उनमें 20 खनन से संबंधित हैं। इन्हें अब स्वीकृति के लिए राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड को भेजा जाएगा। सड़क के दो प्रस्तावों का परीक्षण कराने का निर्णय लिया गया।
बैठक में विधायक बंशीधर भगत, दीवान सिंह बिष्ट, प्रमुख सचिव वन आरके सुधांशु, डीजपी दीपम सेठ, वन विभाग के मुखिया डा धनंजय मोहन, प्रमुख वन संरक्षक वन्यजीव आरके मिश्र, सचिव डा बीवीआरसी पुरुषोत्तम, नीरज खैरवाल समेत अन्य अधिकारी और बोर्ड के सदस्य उपस्थित रहे।

Don't Miss

Copyright©2023,Purvanchal Mail, All rights reserved.( Design & Develop by Motion trail Creation, 9084358715) | Newsphere by AF themes.