May 14, 2026

चरम पर पहुंची चारधाम यात्रा, भक्तों का उमड़ रहा सैलाब, श्रद्धालुओं का आंकड़ा 5.50 लाख के करीब पहुंचा

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उत्तराखंड चारधाम यात्रा में सबसे ज्यादा तीर्थयात्री केदारनाथ धाम पहुंचे हैं. आज चारोंधाम में 49 हजार से ज्यादा भक्तों ने दर्शन किए.

रूद्रप्रयाग: 19 अप्रैल को शुरु हुई चारधाम यात्रा अपने चरम पर पहुंच गई है. अब रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु चारधाम के दर्शन करने के लिए पहुंच रहे है. यात्रा के आरंभिक चरण से ही चारधाम में श्रद्धालुओं का अभूतपूर्व सैलाब उमड़ पड़ा है, जिससे पूरे क्षेत्र में आस्था, उत्साह और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है. एक मई तक पांच लाख 46 हजार भक्तों ने चारधाम के दर्शन किए है.

19 अप्रैल से सबसे पहले गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुले थे. इन दिनों धामों की बात करें तो अभी तक यमुनोत्री में अभी तक 80 हजार से ज्यादा भक्तों ने दर्शन किए है. शुक्रवार एक मई को 8 हजार से ज्यादा भक्त यमुनोत्री धाम पहुंचे थे. इसी तरह गंगोत्री की बात की जाए तो यहां अभी तक 80 हजार 299 भक्तों ने दर्शन दिए है. शुक्रवार को सात हजार 800 के करीब भक्त गंगोत्री धाम पहुंचे थे.

वहीं केदारनाथ धाम की बात की जाए तो केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को खुले थे. यहां आज एक मई तक दो लाख 61 हजार से ज्यादा भक्तों ने दर्शन किए. शुक्रवार को भी 17 हजार से ज्यादा भक्त बाबा केदार के दर पर पहुंचे थे. अभी तक चारोंधाम में सबसे ज्यादा भक्त केदारनाथ धाम ही पहुंचे हैं.

वहीं बदरीनाथ धाम की बात की जाए तो यहां अभी तक एक लाख 24 हजार से ज्यादा भक्तों ने भगवान बदरी-विशाल के दर्शन किए. शुक्रवार को 16 हजार से ज्यादा भक्त बदरीनाथ धाम पहुंचे थे.

पुलिस के जवान भक्तों की सेवा में मुस्तैद: चारधाम में सबसे ज्यादा कठीन यात्रा केदारनाथ धाम की है. इसीलिए यहां पर भक्तों की सुरक्षा और सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए है. प्रशासन ने केदारनाथ यात्रा मार्ग जैसे सोनप्रयाग, गौरीकुण्ड, जंगलचट्टी, भीमबली, छोटी लिनचोली, लिनचोली, रुद्रा प्वाइंट, बेस कैंप, केदारनाथ हेलीपैड से लेकर धाम तक सुरक्षा और राहत बलों की व्यापक तैनाती की है. हर संवेदनशील बिंदु पर सतर्क निगरानी के साथ त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था सुनिश्चित की गई है.

श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विभिन्न विभागों के 534 से अधिक कार्मिक 24 घंटे सेवाएं दे रहे हैं. इनमें पुलिस, फायर सर्विस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, होमगार्ड, पीआरडी, यात्री पर्यटन मित्र, खच्चर टास्क फोर्स, आपदा मित्र और अन्य सहयोगी टीमें शामिल हैं। साथ ही पीएसी की 3 प्लाटून और एक सेक्शन भी अतिरिक्त सुरक्षा के लिए तैनात किए गए हैं.

जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें. मौसम की जानकारी लेते रहें और प्रशासन का सहयोग करें, ताकि बाबा केदार की यह पावन यात्रा सभी के लिए सुरक्षित, सुगम और यादगार बन सके.

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